Follow by Email

Wednesday, December 5, 2018

तन अाैर मन दाेनाें काे सेहतमंद रखता है ध्यान


तन अाैर मन दाेनाें काे सेहतमंद रखता है ध्यान



आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मन का सुकून न जाने कहां खाे गया है। हर काेर्इ कुछ हासिल करने की चाह में भागा जा रहा है। इस भागमभाग से लाेग जीवन की इन उपब्धियां ताे हासिल कर रहे हैं लेकिन मन में शांति नहीं है। तनाव ने उन्हें घेर रखा है। हाल के कुछ अध्ययनों से पता चला है कि लोगों का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य समय से पहले ही खराब हो रहा है।ये बात सच है की हम अपनी उपब्धियाें का जश्न तभी अच्छे से मना सकते हैं जब हम मन आैर तन दाेनाें से सुखी हाें।इसलिए हमें अपने जीवन में उस एक्टिविटी काे भी शामिल करना चाहिए जाे हमारे तनाव काे दूर कर सके। एेसी एक एक्टिविटी है ध्यान, पुराने समय से तन आैर मन काे सेहतमंद रखने के लिए ध्यान का प्रयाेग किया जाता है। ताे भी थाेडा समय निकाल कर ध्यान करें। इससे आपकाे बहुत फायदा हाेगा। आइए जानते हैं ध्यान के फायदे :-
दिमाग और शरीर के लिए ध्यान
ज्यादातर लोगों को नहीं पता होता है कि उन्हें कैसे अपने संतुलन को खोए बिना जीवन की विपरीत परिस्थितियों में दबाव को संभालते हुए खुश और शांत रहना है। मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखने और भावनाओं को काबू में रखने के लिए ध्यान सबसे अच्छा और सहज विकल्प है। ध्यान की तकनीक को सीखना और इसका अभ्यास करना आसान है। इसमें हमारे जीवन के सभी क्षेत्रों को प्रभावित करने वाले कई फायदे हैं।
दिमागी क्षमता बढ़ाता है
ध्यान हमें अपने मस्तिष्क के उन क्षेत्रों तक पहुंचने की इजाजत देता है जो गहन विचार और संज्ञान के लिए जिम्मेदार हैं, जिससे हमें रचनात्मक बनने में और निर्णय लेने में मदद मिलती है। ध्यान हमें सतर्क और तेज बनाता है साथ ही इससे याददाश्त भी अच्छी होती है। यहां तक कि शोधकर्ता अल्जाइमर और पार्किंसंस जैसी गंभीर दिमागी बीमारियों के इलाज के रूप में ध्यान को कारगर पा रहे हैं।
सुकून भरी नींद 
हमारी वर्तमान जीवनशैली में हम में से अधिकांश शांत और गहरी नींद से वंचित हैं, जिससे हमारे मस्तिष्क पर भोझ पड़ता है। इससे मनोदशा विकार, कमजोर प्रतिरक्षा, वजन बढ़ना, ह्रदय रोग और मधुमेह जैसी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। शोध में पाया गया है कि रात में 6 से 8 घंटे से कम समय तक सोने से मौत का जोखिम 12 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। ध्यान, नींद की बेहतर गुणवत्ता से जुड़ा हुआ है। कई अध्ययनों से पता चलता है कि सामान्य लोगों की तुलना में ध्यान करने वाले लोग बेहतर और गहरी नींद लेते हैं।
उम्र का प्रभाव कम
ध्यान का प्रभाव हमारे विचार से गहरा बनता है। यह न केवल हमारे मस्तिष्क और व्यवहार को प्रभावित करता है, बल्कि इससे हम खुश, केंद्रित और जागरूक बनते हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि जो लोग ध्यान करते हैं उनकी उम्र के विकास में स्थिरता आती है। इसके अलावा ध्यान से टेलोमेयर ग्रंथि की रक्षा होती है। जैसे-जैसे टेलोमेयर पुरानी होती जाती है , वैसे ही हमारे शरीर और दिमाग भी वृद्ध होता जाता है।

2 comments: